सपोर्ट और रेजिस्टेंस: ट्रेंड, अहम स्तर और ब्रेकआउट
सपोर्ट वह कीमत है जहां पहले गिरती कीमतें रुकी हैं, क्योंकि वहां खरीदार आ गए। रेजिस्टेंस वह कीमत है जहां चढ़ती कीमतें अटकी हैं, क्योंकि वहां बेचने वाले आ गए। इसमें ट्रेंड को जोड़ दें, तो किसी भी चार्ट को पढ़ने की बुनियादी समझ तैयार है।
ट्रेंड क्या है
ट्रेंड कई कैंडलों में कीमत की आम दिशा है। अपट्रेंड (तेजी का रुझान) में हर हाई पिछले हाई से ऊंचा होता है और हर गिरावट भी पहले से ऊंचे स्तर पर रुकती है। डाउनट्रेंड (मंदी का रुझान) में हाई और लो लगातार नीचे आते जाते हैं। जब कीमत एक सपाट दायरे में घूमती रहती है, तो बाजार को साइडवेज कहते हैं।
अपट्रेंड में ऊपर उठते लो को, या डाउनट्रेंड में नीचे आते हाई को जोड़कर एक ट्रेंड लाइन खींची जा सकती है। इस लाइन का साफ टूटना शुरुआती चेतावनी है कि ट्रेंड की रफ्तार थम रही है।
सपोर्ट और रेजिस्टेंस क्या हैं
सपोर्ट को फर्श और रेजिस्टेंस को छत की तरह समझें। कीमत किसी स्तर से जितनी ज्यादा बार पलटी है, ट्रेडर उस पर उतनी ही ज्यादा नजर रखते हैं। अपट्रेंड में पुरानी छतें अक्सर नया फर्श बन जाती हैं। डाउनट्रेंड में पुराने फर्श अक्सर नई छत बन जाते हैं।
सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर कैसे खोजें
- लंबे टाइमफ्रेम से शुरू करें। पहले वीकली या डेली चार्ट खोलें। वहां दिखने वाले स्तरों पर 5 मिनट के चार्ट के स्तरों से कहीं ज्यादा ट्रेडरों की नजर रहती है।
- पलटने वाले पॉइंट मार्क करें। ऐसी कीमतें ढूंढें जहां बाजार कम से कम दो बार पलटा हो: हाल के हाई, हाल के लो और साइडवेज रेंज के किनारे।
- राउंड नंबर देखें। किसी शेयर के लिए $100, सोने के लिए $4,000 या $5,000, EUR/USD के लिए 1.1000 या USD/JPY के लिए 150 जैसी कीमतें अक्सर अहम स्तर का काम करती हैं, क्योंकि वहां बहुत सारे ऑर्डर लगे होते हैं।
- लाइन नहीं, जोन बनाएं। हर स्तर के थोड़ा ऊपर और थोड़ा नीचे तक एक पट्टी मार्क करें। ऊपर दिए सोने के चार्ट में छत कोई एक कीमत नहीं थी, बल्कि करीब $1,330 से $1,350 तक का जोन थी।
- सिर्फ सबसे साफ स्तर रखें। लाइनों से भरे चार्ट के मुकाबले तीन या चार मजबूत स्तर ज्यादा काम आते हैं।
ये स्तर काम क्यों करते हैं
- याददाश्त: जिन ट्रेडरों ने किसी स्तर पर खरीदा और कीमत को वहां से उछलते देखा, वे अक्सर वहां फिर खरीदते हैं।
- ऑर्डर: साफ दिखने वाले स्तरों के आसपास खरीद के ऑर्डर, बिक्री के ऑर्डर और स्टॉप लॉस जमा हो जाते हैं।
- पछतावा: जो लोग कोई चाल चूक गए, वे अक्सर इंतजार करते हैं कि कीमत वापस वहीं आए जहां से चली थी।
जब सपोर्ट रेजिस्टेंस बन जाता है
जब कीमत रेजिस्टेंस को साफ तौर पर तोड़कर ऊपर निकल जाती है, तो वह पुरानी छत अक्सर नया फर्श बन जाती है। ट्रेडर इसे रोल रिवर्सल कहते हैं, यानी स्तर की भूमिका बदल जाना। यह उलटी दिशा में भी होता है। टूटा हुआ सपोर्ट अक्सर रेजिस्टेंस बन जाता है, क्योंकि जिन ट्रेडरों ने वहां खरीदा था वे अब नुकसान में हैं, और कीमत उनकी खरीद के भाव पर लौटते ही वे खुशी से बेच देते हैं।
ब्रेकआउट और फॉल्स ब्रेकआउट
ब्रेकआउट का मतलब है किसी स्तर के पार मजबूत क्लोज, और बेहतर हो कि साथ में ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ रहा हो। फॉल्स ब्रेकआउट (फेकआउट) ऐसा ब्रेकआउट है जो जल्दी ही पलट जाता है और जल्दबाजी में कूदे खरीदारों को फंसा देता है। कैंडल के उस स्तर के पार बंद होने का इंतजार करने और वॉल्यूम जांचने से कई फॉल्स ब्रेकआउट छंट जाते हैं।
स्तर जोन होते हैं, सटीक लाइनें नहीं। पलटने से पहले कीमत अक्सर स्तर से थोड़ा आगे निकल जाती है। बाल जितनी पतली लाइन नहीं, एक पट्टी बनाएं।
स्टॉप लॉस के साथ सपोर्ट और रेजिस्टेंस का इस्तेमाल कैसे करें
आसान आंकड़ों से समझिए कि कोई ट्रेडर इन स्तरों के हिसाब से प्लान कैसे बना सकता है। एक शेयर $48 से $50 के बीच के सपोर्ट जोन से तीन बार उछल चुका है, और रेजिस्टेंस करीब $60 पर है। ट्रेडर $51 पर खरीदता है, जोन के ठीक नीचे $47 पर स्टॉप लॉस लगाता है और रेजिस्टेंस के ठीक नीचे $59 पर टेक प्रॉफिट रखता है। इस ट्रेड में हर शेयर पर $8 कमाने की कोशिश में $4 का जोखिम है।
- स्टॉप लॉस ठीक स्तर पर नहीं, जोन के पार लगाएं, ताकि कीमत के हल्का सा पार जाने भर से ट्रेड बंद न हो जाए।
- अगले स्तर से पहले मुनाफा ले लें, क्योंकि बेचने वाले अक्सर थोड़ा पहले ही आ जाते हैं।
- पहले लंबा टाइमफ्रेम देखें: घंटे वाले चार्ट के स्तरों से ज्यादा अहम वीकली स्तर होते हैं।
- कभी यह न मानें कि कोई स्तर टिका ही रहेगा। ट्रेड में घुसने से पहले ही बाहर निकलने की जगह तय कर लें।
लीवरेज से सावधान। CFD और दूसरे लीवरेज वाले प्रोडक्ट में फॉल्स ब्रेकआउट कीमत के पलटने से पहले ही ट्रेड को नुकसान में बंद करवा सकता है। ज्यादातर रिटेल CFD अकाउंट नुकसान में रहते हैं, इसलिए पहले वर्चुअल पैसे से प्रैक्टिस करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ट्रेडिंग में सपोर्ट और रेजिस्टेंस क्या है?
सपोर्ट कीमत का वह स्तर है जहां गिरती कीमतें अक्सर रुक जाती हैं, क्योंकि वहां खरीदार आ जाते हैं। रेजिस्टेंस वह स्तर है जहां चढ़ती कीमतें अक्सर अटक जाती हैं, क्योंकि वहां बेचने वाले आ जाते हैं। ट्रेडर दोनों का इस्तेमाल एंट्री, एग्जिट और स्टॉप लॉस की प्लानिंग में करते हैं।
सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर कैसे खोजें?
ऐसी कीमतें देखें जहां बाजार कई बार पलटा हो, साथ ही हाल के हाई और लो और राउंड नंबर। वीकली या डेली चार्ट से शुरू करें, हर स्तर को एक जोन की तरह मार्क करें, फिर जूम इन करें।
रेजिस्टेंस टूटने पर क्या होता है?
टूटा हुआ रेजिस्टेंस अक्सर नया सपोर्ट बन जाता है, इसे रोल रिवर्सल कहते हैं। कुछ ब्रेकआउट फेल भी हो जाते हैं, इसलिए ट्रेड में घुसने से पहले बाहर निकलने की जगह तय कर लें।
फॉल्स ब्रेकआउट (फेकआउट) क्या है?
फॉल्स ब्रेकआउट ऐसा ब्रेकआउट है जो जल्दी पलट जाता है। कीमत किसी स्तर को पार करती है, फिर वापस रेंज में लौट आती है और जल्दबाजी में कूदे ट्रेडरों को फंसा देती है। कैंडल के उस स्तर के पार बंद होने का इंतजार करने से ऐसे कई ब्रेकआउट छंट जाते हैं।
सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लिए कौन सा टाइमफ्रेम सबसे अच्छा है?
वीकली और डेली चार्ट के स्तरों पर ज्यादा ट्रेडरों की नजर रहती है, इसलिए ये आमतौर पर 5 मिनट या 1 घंटे के चार्ट के स्तरों से ज्यादा मायने रखते हैं।
क्या सपोर्ट और रेजिस्टेंस हमेशा काम करते हैं?
नहीं। ये ऐसे इलाके दिखाते हैं जहां कीमत के पलटने की संभावना ज्यादा है, पक्की नहीं। हमेशा बाहर निकलने का प्लान बनाकर चलें।
स्रोत: चार्ट डेटा: सोना, मंथली औसत कीमतें (विश्व बैंक)। यह सामग्री सिर्फ सीखने के लिए है, निवेश की सलाह नहीं।
असली चार्ट पर सपोर्ट खोजें
जहां सपोर्ट लगे वहां टैप करें, फिर देखें कि असली कीमतें वहां से उछलती हैं या उसे तोड़कर निकल जाती हैं।
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