सुरक्षित ब्रोकर कैसे चुनें
ट्रेडिंग कैसे काम करती है

सुरक्षित ब्रोकर कैसे चुनें

7 कार्ड और 4 छोटे सवाल। करीब 2 मिनट।

पूरा लेसन

  1. ठगों के निशाने पर सबसे पहले नए ट्रेडर होते हैं। नकली प्लेटफॉर्म देखने में चमचमाता लग सकता है, झूठा मुनाफा दिखा सकता है और फिर पैसा निकालने ही नहीं देता। किसी ब्रोकर की जांच में बस पांच मिनट लगते हैं।

  2. लाइसेंस की जांच रेगुलेटर की अपनी वेबसाइट पर करें: FCA (ब्रिटेन), CNMV (स्पेन), CNBV (मेक्सिको), सेबी (भारत), OJK या Bappebti (इंडोनेशिया), ASIC (ऑस्ट्रेलिया), CySEC (साइप्रस), CFTC और NFA (अमेरिका) या MAS (सिंगापुर)।

  3. क्लाइंट का पैसा सेग्रिगेटेड अकाउंट में होना चाहिए, यानी ब्रोकर के अपने पैसे से बिल्कुल अलग। यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में खुदरा ग्राहकों को नेगेटिव बैलेंस प्रोटेक्शन (बैलेंस माइनस में न जाने की सुरक्षा) भी मिलता है।

  4. कुल खर्च की तुलना करें: स्प्रेड, कमीशन, ओवरनाइट फाइनेंसिंग, और पैसा जमा करने व निकालने की फीस। यह भी देखें कि पैसा निकालना कितनी जल्दी और कितनी आसानी से होता है।

  5. खतरे के संकेत: ज्यादा पैसा जमा करने पर बोनस, बार-बार फोन करने वाला “अकाउंट मैनेजर”, जल्दी फैसला करने का दबाव और मुनाफे का कोई भी वादा।

  6. आम गलती

    भ्रम: वेबसाइट पर लाइसेंस नंबर लिखा है, तो कंपनी सुरक्षित है। ठग असली कंपनियों के नाम और नंबर कॉपी कर लेते हैं। रजिस्टर खुद जांचें और पक्का करें कि वेबसाइट और संपर्क की जानकारी मेल खाती हो।

  7. मुख्य बात

    असली लाइसेंस, क्लाइंट का अलग रखा पैसा, साफ-साफ खर्च और कोई वादा नहीं। इसके बाद डेमो अकाउंट पर प्रैक्टिस करें और छोटी रकम से शुरुआत करें।

झटपट जांच

  1. ब्रोकर के बारे में सबसे पहले क्या जांचना चाहिए?
    1. किसी असली रेगुलेटर से मिला लाइसेंस
    2. उसका ऐप कितना मॉडर्न दिखता है
    3. उसका बोनस ऑफर कितना बड़ा है
    लाइसेंस का मतलब है कि कोई रेगुलेटर उस कंपनी की निगरानी करता है और आपके पास शिकायत करने की जगह है। चमक-दमक और बोनस से कुछ साबित नहीं होता।
  2. सेग्रिगेटेड अकाउंट क्या करते हैं?
    1. क्लाइंट का पैसा ब्रोकर के पैसे से अलग रखते हैं
    2. सभी क्लाइंट का पैसा एक ही गल्ले में मिलाकर रखते हैं
    3. आपका पैसा क्रिप्टो वॉलेट में लगाते हैं
    अगर ब्रोकर मुश्किल में फंस जाए, तो अलग रखा गया क्लाइंट का पैसा कहीं ज्यादा सुरक्षित रहता है।
  3. मुनाफे का वादा करने वाला ब्रोकर…
    1. खतरे की घंटी है
    2. अच्छा संकेत है
    3. ब्रोकरों में आम बात है
    ट्रेडिंग में मुनाफे का वादा कोई नहीं कर सकता। लाइसेंस वाली कंपनियों को इसकी इजाजत नहीं है, और ठग यही वादा हर वक्त करते हैं।
  4. किसी कंपनी की वेबसाइट पर असली लाइसेंस नंबर दिख रहा है। फिर भी क्या करना चाहिए?
    1. रेगुलेटर का रजिस्टर खुद जांचें
    2. लाइसेंस है, तो तुरंत पैसा जमा करें
    3. ऑनलाइन फाइव-स्टार रिव्यू पर भरोसा करें
    क्लोन कंपनियां असली लाइसेंस नंबर कॉपी कर लेती हैं। रजिस्टर में असली कंपनी की वेबसाइट और संपर्क की जानकारी होती है, ताकि आप दोनों का मिलान कर सकें।

इस लेसन के शब्द

ट्रेडिंग कैसे काम करती है

  1. लॉन्ग और शॉर्ट
  2. बाजार की घड़ी
  3. मार्केट, लिमिट और स्टॉप ऑर्डर
  4. बिड, आस्क और स्प्रेड
  5. लीवरेज: बड़ा मुनाफा, बड़ा नुकसान
  6. मार्जिन और मार्जिन कॉल
  7. CFD: चीज नहीं, उसकी कीमत का ट्रेड
  8. फ्यूचर्स: आज का भाव, कल का सौदा
  9. सुरक्षित ब्रोकर कैसे चुनें
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