पूरा लेसन
कीमतें कभी सीधी लकीर में नहीं चलतीं। वे ऊपर-नीचे होती हुई आगे बढ़ती हैं। इन उतार-चढ़ावों की आम दिशा को ट्रेंड कहते हैं।
अपट्रेंड (तेजी का रुझान): हर टॉप पिछले टॉप से ऊंचा बनता है, और हर बॉटम पिछले बॉटम से ऊपर ही थम जाता है। यानी हायर हाई और हायर लो।
डाउनट्रेंड (मंदी का रुझान): लोअर हाई और लोअर लो। हर उछाल पिछले उछाल से नीचे ही दम तोड़ देता है। कमान बेचने वालों के हाथ में है।
साइडवेज (सीमित दायरे में कारोबार): कीमत एक फर्श और एक छत के बीच उछलती रहती है। कोई भी पक्ष जीत नहीं रहा, और बाजार काफी समय इसी हाल में रहते हैं।
असली उदाहरण: मार्च 2009 से 2020 की शुरुआत तक S&P 500 लगातार हायर हाई और हायर लो बनाता रहा और 800 से नीचे से चढ़कर 3,000 के पार पहुंच गया।
- आम गलती
गलती: एक बड़ी कैंडल देखकर नए ट्रेंड का ऐलान कर देना। एक कैंडल बस एक पल है, ट्रेंड के लिए लगातार ऊंचे (या निचले) बनते टॉप और बॉटम की पूरी कड़ी चाहिए।
- मुख्य बात
ऊपर: हायर हाई और हायर लो। नीचे: लोअर हाई और लोअर लो। दोनों में से कुछ नहीं: साइडवेज। कुछ भी करने से पहले ट्रेंड पढ़ें।
झटपट जांच
- हायर हाई और हायर लो को क्या कहते हैं?
- अपट्रेंड
- डाउनट्रेंड
- साइडवेज बाजार
- साइडवेज बाजार में…
- खरीदार और बेचने वाले बराबरी पर होते हैं
- बेचने वालों का पूरा दबदबा होता है
- खरीदारों का पूरा दबदबा होता है
- चार्ट को जूम आउट क्यों करें?
- बड़ा ट्रेंड देखने के लिए
- कैंडलें बड़ी करने के लिए
- विक छिपाने के लिए
- डाउनट्रेंड में एक बहुत बड़ी हरी कैंडल बनती है। इससे क्या साबित होता है?
- ज्यादा कुछ नहीं: एक कैंडल ट्रेंड नहीं होती
- डाउनट्रेंड आधिकारिक तौर पर खत्म हो गया
- कीमत का जल्द दोगुना होना तय है
इस लेसन के शब्द
चार्ट पढ़ना
- कैंडल असल में होती क्या है?
- लाइन, बार और कैंडल चार्ट
- ट्रेंड: कीमत की चाल
- फर्श और छत
- ब्रेकआउट और फॉल्स ब्रेकआउट
- टाइमफ्रेम: जूम इन, जूम आउट
- जानने लायक तीन कैंडल पैटर्न
- मूविंग एवरेज
- मोमेंटम और RSI
- वॉल्यूम: कितनों ने वोट दिया