मार्केट मेकर और ब्रोकर
फाइनेंस इंडस्ट्री के अंदर

मार्केट मेकर और ब्रोकर

7 कार्ड और 4 छोटे सवाल। करीब 2 मिनट।

पूरा लेसन

  1. जब भी खरीदने के लिए टैप करें, सामने कोई न कोई बेचने वाला होना जरूरी है, देर रात के सुस्त बाजार में भी। अक्सर वह कोई मार्केट मेकर होता है।

  2. मार्केट मेकर हमेशा दो भाव बताता है: बिड, जिस पर वह आपसे खरीदेगा, और आस्क, जिस पर वह आपको बेचेगा। वह इन दोनों के बीच का अंतर, यानी स्प्रेड, बार-बार कमाता है।

  3. मान लीजिए वह किसी शेयर का भाव $50.00 बिड और $50.02 आस्क बताता है। अगर वह रोज 10 लाख शेयर खरीदता और बेचता है, तो 2 सेंट का यह अंतर खर्च से पहले करीब $20,000 कमा देता है।

  4. यह मुफ्त का पैसा नहीं है। अगर मार्केट मेकर के पास शेयर रहते हुए कीमतें उछल जाएं, तो उसे नुकसान हो सकता है। इसीलिए बाजार में भारी उथल-पुथल होने पर स्प्रेड बढ़ जाता है।

  5. आपका ब्रोकर वह दुकान है, जिसके जरिए ट्रेडिंग होती है। कुछ ब्रोकर ऑर्डर को किसी एक्सचेंज या दूसरे मार्केट मेकर को भेज देते हैं। कुछ दूसरे ब्रोकर खुद मार्केट मेकर बनकर आपके ट्रेड की दूसरी तरफ खड़े होते हैं।

  6. आम गलती

    भ्रम: “जो ब्रोकर दूसरी तरफ खड़ा होता है, वह जरूर धोखा दे रहा है।” यह हितों का टकराव है, क्योंकि आपका नुकसान उसका फायदा हो सकता है। लेकिन लाइसेंस वाले ब्रोकर को फिर भी सही भाव देने होते हैं और इस टकराव को संभालना होता है।

  7. मुख्य बात

    मार्केट मेकर बाजार में लिक्विडिटी बनाए रखते हैं और स्प्रेड कमाते हैं। जानें कि आपका ब्रोकर ऑर्डर कैसे संभालता है, और सिर्फ लाइसेंस वाले ब्रोकर का ही इस्तेमाल करें।

झटपट जांच

  1. मार्केट मेकर मुख्य रूप से कहां से कमाता है?
    1. स्प्रेड से
    2. सिर्फ आपके नुकसान से
    3. सरकारी फीस से
    वह बिड पर खरीदता है और आस्क पर बेचता है, और दिन में कई बार यह छोटा अंतर अपने पास रखता है।
  2. मार्केट मेकर बाजार की मदद कैसे करते हैं?
    1. हमेशा ट्रेड के लिए तैयार रहकर
    2. व्यस्त दिनों में जल्दी बंद करके
    3. ब्याज दरें तय करके
    वे हमेशा भाव बताते हैं, इसलिए कम लोग ट्रेड कर रहे हों तब भी आमतौर पर तुरंत खरीद या बिक्री हो जाती है।
  3. अगर ब्रोकर आपके ट्रेड की दूसरी तरफ खड़ा होता है, तो सबसे ज्यादा सुरक्षा किससे मिलती है?
    1. सख्त रेगुलेशन और लाइसेंस
    2. बड़ा वेलकम बोनस
    3. मशहूर और अच्छी रेटिंग वाला ऐप
    लाइसेंस का मतलब है कि रेगुलेटर जांचता है कि भाव सही हों और क्लाइंट का पैसा सुरक्षित रहे।
  4. भारी उथल-पुथल वाले बाजार में स्प्रेड अक्सर क्यों बढ़ जाता है?
    1. मार्केट मेकर का जोखिम बढ़ जाता है
    2. एक्सचेंज खास टैक्स जोड़ देते हैं
    3. कीमतें हिलना बंद कर देती हैं
    मार्केट मेकर अपनी खरीद आगे बेच पाए, उससे पहले ही कीमतें उछल सकती हैं, इसलिए इस जोखिम की भरपाई के लिए वह बड़ा अंतर रखता है।

इस लेसन के शब्द

फाइनेंस इंडस्ट्री के अंदर

  1. बैंक पैसा कैसे कमाते हैं
  2. एक्सचेंज कैसे काम करता है
  3. मार्केट मेकर और ब्रोकर
  4. इन्वेस्टमेंट बैंक
  5. फंड मैनेजर
  6. हेज फंड
  7. क्रेडिट रेटिंग
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