पूरा लेसन
कोई कॉइन इस हफ्ते 300% चढ़ चुका है और हर कोई स्क्रीनशॉट डाल रहा है। दिल की धड़कन तेज हो जाती है। इस एहसास का एक नाम है: FOMO, यानी कुछ छूट जाने का डर।
FOMO को भेड़चाल से हवा मिलती है: कोई काम सिर्फ इसलिए करना, क्योंकि बाकी सब कर रहे हैं। जब तक भीड़ जोश में आती है, तब तक अक्सर तेजी का बड़ा हिस्सा निकल चुका होता है।
असली उदाहरण: जनवरी 2021 में गेमस्टॉप के शेयर कुछ ही हफ्तों में $20 से नीचे से उछलकर करीब $483 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गए। चोटी के आसपास खरीदने वाले कई लोगों ने कुछ ही दिनों में अपना ज्यादातर पैसा गंवा दिया।
दिमाग के दूसरे जाल: कन्फर्मेशन बायस (सिर्फ वही खबरें पढ़ना जो आपकी राय से मेल खाएं) और नुकसान का डर (लॉस एवर्जन: घाटे वाला ट्रेड इस उम्मीद में न बेचना कि भाव वापस आ जाएगा)।
इलाज: ट्रेड से पहले अपना प्लान लिख लें (एंट्री, स्टॉप लॉस, टारगेट, साइज)। जो ट्रेड प्लान में नहीं है, उसे न लें।
- आम गलती
गलती: “अभी नहीं खरीदा तो यह मौका हमेशा के लिए हाथ से निकल जाएगा।” मौका फिर आता है, हमेशा आता है। एक ट्रेड छूटने में कुछ नहीं जाता; खराब ट्रेड के पीछे भागना बहुत महंगा पड़ सकता है।
- मुख्य बात
भावनाएं ठीक उसी वक्त सबसे ज्यादा शोर मचाती हैं, जब वे सबसे कम काम की होती हैं। पहले प्लान बनाएं, और फैसला प्लान को करने दें, भीड़ को नहीं।
झटपट जांच
- FOMO का मतलब है…
- कुछ छूट जाने का डर
- मार्केट ऑर्डर का आखिरी क्रम
- एक तरह का बॉन्ड
- नुकसान के डर की वजह से लोग अक्सर…
- घाटे वाले ट्रेड बहुत देर तक पकड़े रहते हैं
- मुनाफे वाले सारे ट्रेड बहुत देर से बेचते हैं
- हमेशा के लिए ट्रेडिंग छोड़ देते हैं
- भावनाओं में बहकर की जाने वाली ट्रेडिंग का सबसे अच्छा इलाज है…
- ट्रेड से पहले लिखा हुआ प्लान
- आदत डालने के लिए और ज्यादा ट्रेड करना
- ग्रुप चैट की कॉल पर चलना
- ऑनलाइन हर कोई ऐसा कॉइन खरीद रहा है, जो इस हफ्ते 300% चढ़ा है। समझदारी भरा पहला ख्याल होगा…
- तेजी का बड़ा हिस्सा शायद निकल चुका है
- यह हमेशा चढ़ता ही रहेगा
- यही मेरा इकलौता मौका है
इस लेसन के शब्द
ट्रेडिंग साइकोलॉजी
- नुकसान ज्यादा क्यों चुभता है
- फूल बेचे, कांटे रखे
- ओवरकॉन्फिडेंस
- जुआरी की गलतफहमी
- FOMO और दिमाग के दूसरे जाल
- टिल्ट और रिवेंज ट्रेडिंग
- अपना ट्रेडिंग प्लान
- ट्रेडिंग जर्नल रखें