ट्रेडिंग जर्नल रखें
ट्रेडिंग साइकोलॉजी

ट्रेडिंग जर्नल रखें

7 कार्ड और 4 छोटे सवाल। करीब 2 मिनट।

पूरा लेसन

  1. खिलाड़ी अपने मैचों के रीप्ले देखते हैं। ट्रेडर ट्रेडिंग जर्नल के साथ यही कर सकते हैं। इससे हर ट्रेड, चाहे जीत हो या हार, एक सबक बन जाता है।

  2. हर ट्रेड के लिए लिखें: किसमें ट्रेड किया, एंट्री क्यों ली, स्टॉप लॉस, टारगेट, साइज और नतीजा।

  3. यह भी लिखें कि उस वक्त क्या महसूस हो रहा था: ऊब, डर, लालच या बदला लेने की चाह। भावनाएं नतीजों पर अपने निशान छोड़ जाती हैं।

  4. 20 या उससे ज्यादा ट्रेड के बाद पैटर्न ढूंढें। कौन-से सेटअप काम करते हैं? दिन का कौन-सा वक्त? क्या नुकसान के बाद नियम टूट जाते हैं?

  5. उदाहरण: एक ट्रेडर अपने 30 ट्रेड दोबारा देखती है और पाती है कि उसके 10 सबसे बड़े नुकसानों में से 8 किसी दूसरे नुकसान के ठीक बाद हुए। एक नया नियम, दो नुकसान के बाद उस दिन ट्रेडिंग बंद, उसका सबसे बड़ा छेद भर देता है।

  6. आम गलती

    गलती: सिर्फ जीत वाले ट्रेड लिखना। सबसे काम की जानकारी नुकसान वाले ट्रेड में छिपी होती है। जिस जर्नल में ईमानदारी न हो, वह बस एक स्क्रैपबुक है।

  7. मुख्य बात

    हर ट्रेड लिखें, हर हफ्ते जर्नल दोबारा पढ़ें, और एक बार में एक गलती सुधारें।

झटपट जांच

  1. ट्रेडिंग जर्नल में लिखा जाता है…
    1. वजह, स्टॉप लॉस, टारगेट, नतीजा और भावनाएं
    2. सिर्फ जीत वाले ट्रेड
    3. सिर्फ मुनाफा या नुकसान
    ट्रेड क्यों लिया और उस वक्त कैसा महसूस हुआ, यह नतीजे जितना ही अहम है।
  2. पैटर्न कब ढूंढने चाहिए?
    1. कई ट्रेड हो जाने के बाद
    2. कभी नहीं
    3. सिर्फ एक ट्रेड के बाद
    एक ट्रेड किस्मत है; पैटर्न कई ट्रेड के बाद जाकर दिखते हैं।
  3. सबसे ज्यादा सुधार आता है…
    1. बार-बार होने वाली सबसे बड़ी गलती सुधारने से
    2. और ज्यादा बार ट्रेड करने से
    3. बिल्कुल नई स्ट्रैटेजी ढूंढने से
    बार-बार दोहराई गई एक गलती, किसी नई स्ट्रैटेजी की कमाई से ज्यादा महंगी पड़ सकती है।
  4. नुकसान वाले ट्रेड को विस्तार से क्यों लिखें?
    1. इनसे वे गलतियां दिखती हैं, जिन्हें सुधारा जा सकता है
    2. कानून के मुताबिक ब्रोकर यह मांगता है
    3. ताकि पैसा जल्दी वापस जीता जा सके
    सबसे काम के सबक नुकसान में ही छिपे होते हैं।

ट्रेडिंग साइकोलॉजी

  1. नुकसान ज्यादा क्यों चुभता है
  2. फूल बेचे, कांटे रखे
  3. ओवरकॉन्फिडेंस
  4. जुआरी की गलतफहमी
  5. FOMO और दिमाग के दूसरे जाल
  6. टिल्ट और रिवेंज ट्रेडिंग
  7. अपना ट्रेडिंग प्लान
  8. ट्रेडिंग जर्नल रखें
अभी प्रैक्टिस करें: दिमाग का एक्स-रे अभी प्रैक्टिस करें: अनुशासन का अखाड़ा