पूरा लेसन
नौकरियां कम मिलती हैं, दुकानें सूनी रहती हैं, तनख्वाह में बढ़ोतरी छोटी होती है। आर्थिक मंदी वह दौर है, जब अर्थव्यवस्था बढ़ने के बजाय सिकुड़ती है।
एक आम नियम है: लगातार दो तिमाहियों तक GDP का गिरना। अमेरिका में NBER जैसी आधिकारिक संस्थाएं नौकरियां, आमदनी और खर्च भी देखती हैं।
कारोबार कम बिक्री करते हैं, निवेश घटाते हैं और कम लोगों को नौकरी देते हैं, इसलिए बेरोजगारी बढ़ती है। 2008 के संकट के बाद अमेरिका में बेरोजगारी 10% तक पहुंची; स्पेन में बाद में यह 26% के पार चली गई।
आम जवाब यह होता है: केंद्रीय बैंक ब्याज दरें घटाते हैं ताकि कर्ज सस्ता हो, और सरकारें मांग को सहारा देने के लिए ज्यादा खर्च करती हैं या टैक्स घटाती हैं।
सबसे बुरा मेल है स्टैगफ्लेशन: कमजोर अर्थव्यवस्था और ऊंची महंगाई एक साथ, जैसा 1970 के दशक के तेल झटकों के बाद हुआ। दरें घटाने से महंगाई और भड़केगी, इसलिए नीति बनाने वाले फंस जाते हैं।
- आम गलती
गलती: “आर्थिक मंदी खत्म होने तक शेयर गिरते रहते हैं।” बाजार आगे की सोचते हैं। 2009 में S&P 500 मार्च में अपने निचले स्तर पर पहुंचा, यानी जून में अमेरिका की आर्थिक मंदी आधिकारिक तौर पर खत्म होने से तीन महीने पहले।
- मुख्य बात
आर्थिक मंदी कारोबारी चक्र का एक आम हिस्सा है। आपकी सबसे अच्छी निजी ढाल: एक इमरजेंसी फंड और ऐसा हुनर, जिसकी कंपनियों को जरूरत हो।
झटपट जांच
- आर्थिक मंदी की एक आम परिभाषा क्या है?
- लगातार दो तिमाहियों तक GDP का गिरना
- शेयर बाजार का एक बुरा दिन
- सोने की ऊंची कीमत
- आर्थिक मंदी में केंद्रीय बैंक आमतौर पर…
- ब्याज दरें घटाते हैं
- दरें तेजी से बढ़ाते हैं
- सारे बैंक बंद कर देते हैं
- स्टैगफ्लेशन का मतलब है…
- ऊंची महंगाई और कमजोर ग्रोथ एक साथ
- तेज ग्रोथ और गिरती कीमतें
- कम महंगाई और मजबूत ग्रोथ
- आर्थिक मंदी जारी रहते हुए भी शेयर कभी-कभी क्यों चढ़ते हैं?
- बाजार आगे आने वाली रिकवरी को देखते हैं
- शेयर अर्थव्यवस्था को नजरअंदाज करते हैं
- आर्थिक मंदी कंपनियों को अमीर बनाती है
इस लेसन के शब्द
दुनिया की अर्थव्यवस्था
- GDP में क्या-क्या गिना जाता है
- करेंसी के भाव क्यों बदलते हैं
- दुनिया डॉलर पर क्यों चलती है
- व्यापार और करेंसी
- चीन दुनिया को क्यों हिला देता है
- पैसे का आना-जाना
- आर्थिक मंदी
- डिमांड, सप्लाई और चक्र
- उभरते बाजार