सारे अंडे एक ही टोकरी में न रखें
निवेश की बुनियादी बातें

सारे अंडे एक ही टोकरी में न रखें

7 कार्ड और 4 छोटे सवाल। करीब 2 मिनट।

पूरा लेसन

  1. अगर सारा पैसा एक ही कंपनी में लगा है और वह डूब जाती है, तो सब कुछ चला जाता है। डाइवर्सिफिकेशन का मतलब है पैसे को अलग-अलग निवेशों में बांटना, ताकि कोई एक निवेश आपको डुबो न सके।

  2. असली उदाहरण: 2001 में जब अमेरिका की दिग्गज एनर्जी कंपनी एनरॉन धराशायी हुई, तो उसके शेयर कौड़ियों के भाव रह गए। कई कर्मचारियों की रिटायरमेंट की ज्यादातर बचत एनरॉन के शेयरों में ही लगी थी, इसलिए उनकी नौकरी और बचत, दोनों एक साथ चली गईं।

  3. हर एसेट हालात पर अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है। शेयर, बॉन्ड, सोना और कैश अक्सर अलग-अलग ढंग से चलते हैं, इसलिए किसी एक की गिरावट का झटका बाकी कुछ हद तक संभाल लेते हैं।

  4. जैसे सड़क किनारे का कोई दुकानदार छाते भी रखता है और धूप के चश्मे भी: बारिश हो या धूप, कुछ न कुछ बिक ही जाता है।

  5. डाइवर्सिफाई करने का आसान तरीका है इंडेक्स फंड या ETF: एक खरीद, सैकड़ों कंपनियां, कई अलग-अलग सेक्टर।

  6. आम गलती

    गलती: टेक की पांच कंपनियों के शेयर लेकर इसे डाइवर्सिफिकेशन मान लेना। अगर सब एक ही चीज पर टिके हैं, तो सब साथ गिरेंगे। और कुछ सालों में, जैसे 2022 में, शेयर और बॉन्ड तक एक साथ गिरे।

  7. मुख्य बात

    डाइवर्सिफिकेशन से जोखिम खत्म नहीं होता, और मुनाफा भी पक्का नहीं होता। यह बस किसी एक गलत दांव को आपको बर्बाद करने से रोकता है।

झटपट जांच

  1. डाइवर्सिफिकेशन का मतलब है…
    1. पैसे को अलग-अलग निवेशों में बांटना
    2. सारा पैसा एक ही शेयर में लगाना
    3. सिर्फ कैश रखना
    अलग-अलग निवेश शायद ही कभी एक साथ डूबते हैं।
  2. डाइवर्सिफाई क्यों करें?
    1. ताकि कोई एक खराब निवेश आपको डुबो न सके
    2. ताकि पैसा कभी न डूबे
    3. सबसे ज्यादा रिटर्न पाने के लिए
    इससे किसी एक निवेश के डूबने का नुकसान सीमित रहता है। फायदे की गारंटी यह नहीं दे सकता।
  3. बहुत सारी कंपनियों में हिस्सा लेने का आसान तरीका है…
    1. इंडेक्स फंड
    2. एक पेनी स्टॉक
    3. क्रेडिट कार्ड
    एक ही खरीद से सैकड़ों कंपनियों में आपका छोटा-सा हिस्सा हो जाता है।
  4. किस पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन सबसे कम है?
    1. एक ही सेक्टर के पांच शेयर
    2. ग्लोबल इंडेक्स फंड और साथ में बॉन्ड
    3. शेयर, बॉन्ड और थोड़ा सोना
    एक ही सेक्टर की कंपनियां अक्सर साथ-साथ चढ़ती और गिरती हैं।

इस लेसन के शब्द

निवेश की बुनियादी बातें

  1. निवेश या ट्रेडिंग?
  2. कंपाउंडिंग: बढ़त पर बढ़त
  3. बाजार में टिके रहने की ताकत
  4. इंडेक्स और ETF
  5. म्यूचुअल फंड
  6. बूंद-बूंद जुड़ते खर्च
  7. सारे अंडे एक ही टोकरी में न रखें
  8. आसान पोर्टफोलियो कैसे बनाएं
  9. पोर्टफोलियो की रीबैलेंसिंग
  10. तेजी और मंदी का बाजार
  11. डिविडेंड वाले शेयरों में निवेश
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