म्यूचुअल फंड
निवेश की बुनियादी बातें

म्यूचुअल फंड

7 कार्ड और 4 छोटे सवाल। करीब 2 मिनट।

पूरा लेसन

  1. थोड़े-से पैसे से भी 100 कंपनियों में हिस्सेदारी मिल सकती है। म्यूचुअल फंड बहुत सारे लोगों का पैसा एक जगह जमा करता है, और एक प्रोफेशनल फंड मैनेजर सबकी ओर से उसे निवेश करता है।

  2. फंड किस चीज में पैसा लगाते हैं, इस हिसाब से उनके प्रकार: मनी मार्केट फंड (जमा, कम अवधि के बिल), बॉन्ड फंड, इक्विटी फंड (शेयर) और हाइब्रिड फंड। जोखिम मोटे तौर पर इसी क्रम में बढ़ता है।

  3. शुरुआत के लिए ज्यादा पैसे नहीं चाहिए: इंडोनेशिया में ऐप 10,000 रुपिया से म्यूचुअल फंड (वहां इन्हें रेक्सा दाना कहते हैं) बेचते हैं, और भारत में हर महीने की SIP ₹500 या उससे भी कम से शुरू हो सकती है।

  4. हर फंड एक सालाना फीस लेता है (एक्सपेंस रेशियो), जो आपके पैसे से कटती है, फंड अच्छा करे या न करे।

  5. फीस भी कंपाउंड होती है। 10,000 को 30 साल के लिए 7% सालाना पर लगाएं: 0.2% फीस पर आखिर में करीब 72,000 बनते हैं; 1.5% फीस पर करीब 50,000। यानी लगभग एक तिहाई कम।

  6. आम गलती

    गलती: पिछले साल सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला फंड चुन लेना। पिछले विजेता अक्सर दोबारा नहीं जीतते, जबकि फीस का कटना तय है। लागत, जोखिम और कई सालों के नतीजों की तुलना करें।

  7. मुख्य बात

    फंड एक साझा टोकरी है, जिसे कोई प्रोफेशनल चलाता है। जांच लें कि वह आपके देश के रेगुलेटर के पास रजिस्टर्ड है, जानें कि उसमें क्या-क्या है, और फीस कम रखें।

झटपट जांच

  1. म्यूचुअल फंड…
    1. बहुत सारे निवेशकों का पैसा एक जगह जमा करता है
    2. बैंक का कर्ज है
    3. एक तरह की क्रिप्टोकरेंसी है
    बहुत सारे लोगों का पैसा एक साथ मिलाया जाता है और एक प्रोफेशनल मैनेजर उसे निवेश करता है।
  2. मनी मार्केट फंड ज्यादातर किसमें पैसा लगाता है?
    1. जमा और कम अवधि के बिल
    2. सोने की ईंटें और सिक्के
    3. तेजी से बढ़ते टेक शेयर
    यह सबसे कम जोखिम वाला फंड है, जो बहुत कम अवधि के सुरक्षित कर्ज से बना होता है।
  3. फीस इतनी मायने क्यों रखती है?
    1. यह हर साल कटती है और कंपाउंड होती है
    2. यह सिर्फ पहले महीने में कटती है
    3. ज्यादा फीस से बेहतर रिटर्न तय हो जाता है
    छोटी-सी सालाना फीस दशकों तक कंपाउंड होकर आपकी आखिरी रकम का बड़ा हिस्सा खा सकती है।
  4. फंड A ने पिछले साल 40% रिटर्न दिया। इससे क्या पता चलता है?
    1. अगले साल के बारे में बहुत कम
    2. यह फिर से 40% रिटर्न देगा
    3. इसमें कोई जोखिम नहीं है
    पिछला प्रदर्शन भविष्य के नतीजों की गारंटी नहीं है, और बड़ी बढ़त का मतलब अक्सर बड़ा जोखिम भी होता है।

इस लेसन के शब्द

निवेश की बुनियादी बातें

  1. निवेश या ट्रेडिंग?
  2. कंपाउंडिंग: बढ़त पर बढ़त
  3. बाजार में टिके रहने की ताकत
  4. इंडेक्स और ETF
  5. म्यूचुअल फंड
  6. बूंद-बूंद जुड़ते खर्च
  7. सारे अंडे एक ही टोकरी में न रखें
  8. आसान पोर्टफोलियो कैसे बनाएं
  9. पोर्टफोलियो की रीबैलेंसिंग
  10. तेजी और मंदी का बाजार
  11. डिविडेंड वाले शेयरों में निवेश
अभी प्रैक्टिस करें: एसेट की रेस अभी प्रैक्टिस करें: बंदर बनाम मैनेजर