पूरा लेसन
जब खबर आती है कि “आज शेयर बाजार 1% चढ़ा”, तो बात किसी इंडेक्स की हो रही होती है: एक ऐसा नंबर जो कंपनियों के पूरे समूह की कीमतों को ट्रैक करता है, जैसे किसी टीम का स्कोर।
S&P 500 अमेरिका की 500 बड़ी कंपनियों को ट्रैक करता है। मासिक औसत, 2009 से 2025: मार्च 2009 में करीब 760 से दिसंबर 2025 में करीब 6,850 तक, हालांकि बीच में कुछ बड़ी गिरावटें भी आईं।
हर बाजार का अपना इंडेक्स है: IHSG (इंडोनेशिया), IPC (मेक्सिको), IBEX 35 (स्पेन), निफ्टी 50 (भारत), FTSE 100 (ब्रिटेन), निक्केई 225 (जापान) और जर्मनी का DAX (2021 से 40 कंपनियां)।
ETF एक फंड है, जो स्टॉक एक्सचेंज पर किसी एक शेयर की तरह खरीदा-बेचा जाता है। इंडेक्स ETF पूरा इंडेक्स रखता है: एक खरीद, सैकड़ों कंपनियां, जैसे अलग-अलग पकवानों की जगह पूरी थाली ऑर्डर करना।
ट्रेडर फ्यूचर्स या CFD के जरिए भी इंडेक्स ट्रेड करते हैं, जिनके नाम “US500” या “GER40” जैसे होते हैं। कीमत इंडेक्स के साथ चलती है, लेकिन लीवरेज मुनाफे और नुकसान दोनों को बड़ा कर देता है।
- आम गलती
भ्रम: इंडेक्स फंड में बहुत सी कंपनियां होती हैं, इसलिए उसमें ज्यादा नुकसान नहीं हो सकता। सच: यह किसी एक कंपनी का जोखिम बांटता है, बाजार का जोखिम नहीं। 2007 से 2009 के बीच S&P 500 करीब 57% गिरा।
- मुख्य बात
इंडेक्स किसी बाजार का टीम स्कोर है। ETF से आप पूरी टीम के मालिक बन सकते हैं, लेकिन पूरी टीम भी हार सकती है।
झटपट जांच
- इंडेक्स यानी…
- कंपनियों के एक समूह का स्कोर
- किसी एक बड़ी कंपनी की कीमत
- एक तरह का बैंक अकाउंट
- निक्केई 225 किस देश के शेयरों को ट्रैक करता है?
- जापान
- जर्मनी
- ब्राजील
- ETF से आप…
- एक साथ कई निवेशों के मालिक बन सकते हैं
- नुकसान की हर संभावना से बच सकते हैं
- बिना किसी फीस के ट्रेड कर सकते हैं
- आपके पास S&P 500 ETF है और उसकी एक कंपनी दिवालिया हो जाती है। क्या होगा?
- हल्की सी चोट: करीब 500 में से यह सिर्फ 1 है
- ETF का सारा पैसा डूब जाएगा
- पूरा ETF हमेशा के लिए बंद हो जाएगा
इस लेसन के शब्द
निवेश की बुनियादी बातें
- निवेश या ट्रेडिंग?
- कंपाउंडिंग: बढ़त पर बढ़त
- बाजार में टिके रहने की ताकत
- इंडेक्स और ETF
- म्यूचुअल फंड
- बूंद-बूंद जुड़ते खर्च
- सारे अंडे एक ही टोकरी में न रखें
- आसान पोर्टफोलियो कैसे बनाएं
- पोर्टफोलियो की रीबैलेंसिंग
- तेजी और मंदी का बाजार
- डिविडेंड वाले शेयरों में निवेश